क़त्ल नहीं, है खुदकुशी तुम्हारी कह रही थी हमसे आंखें तुम्हारी दे रही थी पता खुशबू तुम्हारी उड़ रही थी जब जुल्फें तुम्हारी ~ तुम्हारा अनिमेष खुदकुशी साबित कर के हमारे क़त्ल को मुस्कुरा रही थी आंखे उनकी, होठ उनके, जुल्फें उनकी और खुद वों भी ~ तुम्हारा अनिमेष
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