न कशिश की न अदाओं के अरमान रखें रखें कुछ तो हम सादगी भरी पहचान रखें काजल की न किसी श्रृंगार की परवाह रखें हम रखें तो तेरे नज़रो पर दिल कुर्बान रखें जिन्हें इश्क़ की हो आरज़ू हमारे पैगाम रखें हम कुछ रखें तो अपने मौत का सामान रखें इस झूठे जहां से बता अब क्या ताल्लुक़ात रखें जहाँ भी चले तो सिर्फ तेरी चाहत का गुमान रखें पोशाक हो या अदब इनसे मुझे अनजान रखें गर रखें तो अल्फ़ाज़ों से 'शरद' की पहचान रखें - अनिमेष चौबे 'शरद'
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