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Showing posts from September, 2018
यूँ पेड़ों का झूमना, हवाओं का मचलना लाज़मी है तेरी चाहत के बारिश से हमारा बहकना लाज़मी है बातों से मुकरना, तेरी गलियों से गुज़रना लाज़मी है मेरी साँसों का थमना, दिल का धड़कना लाज़मी है लाज़मी है मेरा तुमसे बहुत सी बातों को न कहना हर वक़्त तेरे ही ख़यालों में खोये रहना लाज़मी है ~ तुम्हारा अनिमेष