क़त्ल नहीं, है खुदकुशी तुम्हारी
कह रही थी हमसे आंखें तुम्हारी

दे रही थी पता खुशबू तुम्हारी
उड़ रही थी जब जुल्फें तुम्हारी

~ तुम्हारा अनिमेष



खुदकुशी साबित कर के हमारे क़त्ल को मुस्कुरा रही थी
आंखे उनकी, होठ उनके, जुल्फें उनकी और खुद वों भी

~ तुम्हारा अनिमेष


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