वहम है या हकीक़त कि तेरी साया मेरे साथ चल रही है
जिधर भी जा रहा हूं मैं तेरी खुशबू हवाओं में घुल रही है
सदियों से दे रहा हूं जवाब, तुम्हारे एक ही सवाल का
तुम कुछ पूछ रही हो या सिर्फ़ तुम्हारी आवाज़ गूंज रही है
जिधर भी जा रहा हूं मैं तेरी खुशबू हवाओं में घुल रही है
सदियों से दे रहा हूं जवाब, तुम्हारे एक ही सवाल का
तुम कुछ पूछ रही हो या सिर्फ़ तुम्हारी आवाज़ गूंज रही है
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