क़यामत तो फिर भी एक दिन ठहर ही जायेगी
तेरी 'मुस्कुराहट' का जाने क्या सिलसिला होगा
~ तुम्हारा अनिमेष
ना मोहब्बत में किसी के, ना गिला किसी का
ऐ मेरे दिल फिर तू इतना तेज़ धड़कता क्यूं है
~ तुम्हारा अनिमेष
संग तेरे पल गुजरता है आहिस्ता आहिस्ता.......
देख तुम्हें सूरज पिघलता है आहिस्ता आहिस्ता..
~ तुम्हारा अनिमेष
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