तेरे चेहरे के रंगों में ढला है फाल्गुन
तेरे मुस्कुराहटों पे निढाल है फाल्गुन
~ तुम्हारा अनिमेष
प्रकृति बदली परिवेश बदला
मानव हुआ विकसित वानर से
फिर भी रह गए कुछ वानर, 'वानर'
~ अनिमेष सरिता चौबे
तेरे मुस्कुराहटों पे निढाल है फाल्गुन
~ तुम्हारा अनिमेष
प्रकृति बदली परिवेश बदला
मानव हुआ विकसित वानर से
फिर भी रह गए कुछ वानर, 'वानर'
~ अनिमेष सरिता चौबे
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