ज़िंदगी गुजरी कुछ ऐसी कहने को कोई बात नहीं
एक तेरी याद है, जिसके सिवा हमें कुछ याद नहीं

~ तुम्हारा अनिमेष



जाने दर्द है दवा है या ज़ख्म है मरहम है
तेरे होने ना होने का भी अजब सा गम है

~ तुम्हारा अनिमेष


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