चेहरे की हो मुस्कान तुम्हीं से, आने का हो ये तौर तुम्हारा
आंगन में हो महक तुम्हीं से, खुशबू का हो ये दौर तुम्हारा
~ तुम्हारा अनिमेष
जाने कौन सी मोहबब्त किस अंजाम तक जाती है
इक तेरे नाम से ही हमारी हर बात थम सी जाती है
~ तुम्हारा अनिमेष
आंगन में हो महक तुम्हीं से, खुशबू का हो ये दौर तुम्हारा
~ तुम्हारा अनिमेष
जाने कौन सी मोहबब्त किस अंजाम तक जाती है
इक तेरे नाम से ही हमारी हर बात थम सी जाती है
~ तुम्हारा अनिमेष
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