अल्फ़ाज़ों के जज़्बात 2

गुज़र गयी जो ज़िन्दगी अब उसकी तम्मना ज़िंदा है
'बचपन' बिछड़ गया, अब सिर्फ 'बचपना' ज़िंदा है

Comments