कर्मपथ पर कर्तव्यपरायण रहे हरदम वो वीर,
स्वयं निमंत्रित किया जिन्होंने वक्षो पर तीर,
है नमन उन सपूतों की, उनकी प्रेरणा को
जिनके दीप्ति से रौशन न जाने कितनों की तकदीर..!
स्वयं निमंत्रित किया जिन्होंने वक्षो पर तीर,
है नमन उन सपूतों की, उनकी प्रेरणा को
जिनके दीप्ति से रौशन न जाने कितनों की तकदीर..!
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