मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु,
पहली पइसा फेर ईमान,
पी के घोलंड के, गाँव के सियान,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
कोलखी म चलत हे स्कूल,
फेर दारू दुकान आघु,
मोर छत्तीसगढ़ ह दउड़त हे बाबु।
समारू के गाँव म नक्सली आगे,
हक के लड़ाई कही के स्कूल जलागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
नोनी के लाज सिरागे,
बाबु पियत दारू दिन पहागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
परदेसिया पूरा भूईयाँ पोगरागे,
सरपंच ह उहें बिसागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
छत्तीसगढ़ी भाखा बोलईया गवाँगे,
संस्कृति के नरवा ढिलागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
गाँव के मनखे शहर भगागे,
मोर नारधा के तरिया सुखागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
पिरा ल गोठियाबे 'शरद' अब काखर आघु,
सब झन इही कहिथे मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
अनिमेष चौबे 'शरद'
पहली पइसा फेर ईमान,
पी के घोलंड के, गाँव के सियान,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
कोलखी म चलत हे स्कूल,
फेर दारू दुकान आघु,
मोर छत्तीसगढ़ ह दउड़त हे बाबु।
समारू के गाँव म नक्सली आगे,
हक के लड़ाई कही के स्कूल जलागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
नोनी के लाज सिरागे,
बाबु पियत दारू दिन पहागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
परदेसिया पूरा भूईयाँ पोगरागे,
सरपंच ह उहें बिसागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
छत्तीसगढ़ी भाखा बोलईया गवाँगे,
संस्कृति के नरवा ढिलागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
गाँव के मनखे शहर भगागे,
मोर नारधा के तरिया सुखागे,
मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
पिरा ल गोठियाबे 'शरद' अब काखर आघु,
सब झन इही कहिथे मोर छत्तीसगढ़ ह दऊड़त हे बाबु।
अनिमेष चौबे 'शरद'
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